वो बेवफा तो ना थे मगर आगे जरूर बढ़ गए।
फकत मेरे दिल से उतर जाइएगा।
बिछड़ना मुबारक बिछड़ जाइएगा।
कोई कितना भी सोना ना होय मित्रा,
किसी ना किसी ने ठुकराया जरूर होता है।
कितना रूठा होगा यह मन,
बात तो करनी है मगर बात ही नहीं करनी है।
तुमने समझा ही नहीं, ना ही समझाना चाहा।
हम चाहते हि क्या थे तुझसे तेरे सिवा।

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