कुछ महान न्यूरोलॉजिस्ट ने कुछ प्रयोग किए यह जानने के लिए कि इंसान सुपरेशर और दीर्घायु कैसे बन सकता है। चिरकाल से ही मनुष्य का स्वभाव रहा है कि वह अनंत काल के लिए जीवित रहना चाहता है।
इसी क्रम में वैज्ञानिक कौन है शोध शुरू किए हैं जिसमें वे उन चीजों को ढूंढने का प्रयास करते हैं जिन से मनुष्य लंबे समय तक जीवित रह सकता है।
हाबार्ड मान्यता प्राप्त मैसेचयुटे जनरल हॉस्पिटल (अमेरिका ) के प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर ब्रैडफोर्ड डिकरसन ने अपने प्रयोगों और अध्ययनों के द्वारा यह निष्कर्ष निकाला है की यदि हम मानसिक चुनौतियों को हंसते हंसते गले लगाते हैं या चाहते हैं तो हमारे ब्रेन के टिशू और ब्रेन के फंक्शन नॉर्मल रहते हैं
अपने अध्ययनों में उन्होंने एम आर आई तकनीक का प्रयोग किया और यह पाया की वृद्ध लोगों के दिमाग के कुछ एरिया पतले हो जाते हैं लेकिन जवान लोगों में यह परत मोटी होती है। सुपर ए ज लंबे समय तक जीने वाले लोगों में भी यह परत प्राय मोटी ही रहती है इस परत में कहीं फंक्शंस रहते हैं जैसे इमोशन भाषा और तनाव।
एनी परतों में मोटी परतों में अंदरूनी अंगों को कोऑर्डिनेट करने के लिए सेंसर इनपुट मिलते हैं। ज्योतिष मस्तिष्क या ब्रेन की यह परत मोटी होती है तो मनुष्य की यादाश्त और अटेंशन की क्षमता ज्यादा होती है।।
लंबे समय तक जीने वाले मनुष्य या सुपर एजर के मस्तिष्क के सेल्स के विघटन की प्रक्रिया धीमी होती है यदि उनको किसी और से तुलना किया जाए।
दीर्घायु वाले मनुष्य सुपरेशर अपने कंफर्ट जोन से बाहर भी काम करते हैं सामान्यता भी नहीं क्षमताएं और कौशल विकसित करते रहते हैं। सुपर ए ज र नई नई भाषा में सीखते रहते हैं और नए वाद्य यंत्रों को भी चलाना सीखना चाहते हैं।
यदि आप भी दीर्घायु बनना चाहते हैं या सुपरेशर बनना चाहते हैं तो निम्नलिखित चीजों पर विशेष ध्यान दें।
मानसिक चुनौतियों का सामना करें।
अपनी कसरत करने की कैपेसिटी या क्षमता को बढ़ाएं।
अपनी उम्र को अपने ऊपर हावी ना होने दें
[Most important] Dr. Vijay Guleria: हंसमुख रहें।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें