आप आपको यह जानकर हर्षित होना चाहिए कि आज भी भारत की 60 से 70% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और सुखी जीवन जीते हैं।
| Village are the best |
इतनी बड़ी आबादी के लिए संसाधन भी गांव में ही उपलब्ध है तो हर कोई गांव से शहर आकर बिजनेस नहीं करना चाहता है लेकिन गांव में ही अपना व्यवसाय शुरू करके अच्छी कमाई की जा सकती है।
मेरा यह मानना है कि जिस तरह से स्माल स्केल इंडस्ट्रीज मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज के लिए मोदी सरकार ने जो नई नीतियां चलाई है उसके रहते हमें गांव में ही रहकर अपने बड़े-बड़े व्यवसाय शुरू करने चाहिए एक तो पलायन रुकेगा और दूसरा गांव में ही रहकर आपको शहर का अनुभव होगा।
मैं आज आपको कुछ व्यवसाय उनके बारे में बताऊंगा जब आप गांव में शुरू कर सकते हैं और अच्छी जो है आप एक कमाई कर सकते हैं।
मेरा सबसे पहला जो भी सुझाव रहेगा वह रहेगा ट्रांसपोर्ट गुड्स ट्रांसपोर्ट गुड्स होता क्या है जैसे कि आप सब लोग जानते हैं कि गांव में ट्रांसपोर्ट की सुविधा अच्छी नहीं होती है उस वजह से किसानों को अपना अनाज फल सब्जी दूध इत्यादि बेचने के लिए जो भी उगाते हैं पर यूज करते हैं उसे उगाते हैं फिर ले जाकर शहर में भेजना होता है लेकिन बहाना ना होने की वजह से उन्हें शहर से वहां बुक करना होता है और शहर से गाड़ी आती है जोकि अपने मनमर्जी के अनुसार किराया वसूलते है।
हमें भी अगर वहां के लिए लोन नगर सरकार की तरफ से मिल जाता है तो हम ट्रैक्टर टेंपो छोटा हाथी टाटा छोटा हाथी जैसे वाहन लेने में आसानी हो जाते हैं।
दूसरा है पोल्ट्री फार्म आज के समय में मीट मछली अंडे की जरूरत प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए अत्यधिक वांछनीय है।
पोल्ट्री फॉर्म का काम कुछ मुर्गी के बच्चे लेकर किया जा सकता है।
समय के साथ यह मुर्गी के बच्चे मुर्गियों में तब्दील हो जाएंगे और आपको अंडे भी देंगे।
जहां उद्योग 2000 से लेकर 20000 तक में शुरू किया जा सकता है
तीसरा है बकरी पालन या भेड़ पालन
बकरी पालन भेड़ पालन भी एक बहुत बड़ा बिजनेस है इसमें छोटी छोटी बकरी के बच्चे लिए जाते हैं और उनको चराने के बाद मोटा तगड़ा करने के बाद भेज दिया जाता है।
आज बकरी का मीट 400 से ₹500 किलो जाता है।
इस उद्योग में आपको 12000 से लेकर ₹50000 तक का खर्च आ सकता है।
| भेड़ पालन बकरी पालन |
डेयरी उत्पाद
हालांकि इस को सबसे ऊपर रखना चाहिए क्योंकि सरकार भी डेयरी उत्पाद बकरी पालन और भेड़ पालन तथा पोल्ट्री फॉर्म के लिए इस समय लोन दे रही है।
इस उद्योग के लिए भी आपको 40 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक का खर्चा सकता है
अगरबत्ती लघु उद्योग
यदि आपका रुझान तकनीकी में है तो आप गांव में ही रह कर अगरबत्ती उद्योग कर सकते हैं।
इसके लिए रो मटेरियल आराम से मिल जाता है और मशीनों का प्रावधान भी कई कंपनियां करा देते है।
यहां उद्योग 70०00 से ₹80000 के बीच में शुरू किया जा सकता है
टमाटर केचप या चटनी
टोमेटो केचप के बड़े-बड़े विज्ञापन देखकर ही आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि हां कितना बड़ा बिजनेस है।
लगभग ₹80000 के आसपास में यह बिजनेस शुरू किया जा सकता है यदि आपके गांव में भरपूर मात्रा में टमाटर उत्पादन होता है तो आप इसको शुरू कर सकते हैं।
पापड़ उद्योग
पापड़ की आवश्यकता प्रत्येक घर में होती है यह गांव में भी लग जाएगा और आधी नहीं बिकता है तो सब शहर में विपणन कर सकते हैं।
जहां उद्योग 1000 से 5000 के बीच में ₹ लगाकर शुरू किया जा सकता है
मोमबत्ती उद्योग
यह भी एक अच्छा उद्योग है आप इसमें भी पैसे कमा सकते हैं आपको कच्चा मोम लेकर उसको सांचे में ढाल कर बेचने होते हैं।
किस उद्योग में 10 से ₹20000 का खर्च आता है
पेंट का उद्योग
आज के समय में हर घर की जरूरत है पेंट आप तीन चार साल में एक बार अपने घर को जरूर पेंट करते हैं और उसमें बहुत सारे प्रिंट की जरूरत होती है। पिंटिया डिस्टेंपर का उद्योग लगाने में एक से डेढ़ लाख रुपए का खर्चा है और कच्चा माल अलग।
इसके अलावा गांव में ई सेवा केंद्र खोला जा सकता है जिसमें सभी प्रकार की डिजिटल सुविधाएं मुहैया कराए जा सकते हैं जैसे आधार पैन वह अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित दस्तावेज नौकरी के लिए एप्लीकेशंस इत्यादि।
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