प्राइवेट नौकरी छोड़ ₹25 हजार में शुरू करें ये कारोबार, हर महीने होगी ₹3 लाख तक की कमाई, सरकार देगी 50% मदद
जी हां आपने बिल्कुल ठीक सुना तीन लाख तक की कमाई और सरकार की 50% की मदद आपको इन्वेस्ट करना है सिर्फ ₹25000।
अब आप सोच रहे होंगे ऐसा कौन सा कारू का खजाना ब्लॉगी राम के हाथ लग गया है। कौन से हीरे मोती फ्री में बांट रहे हैं। जी हां यह मोतियों का कारोबार मोतियों की फार्मिंग के लिए सरकार 50% की सब्सिडी दे रही है कोई भी घर गांव में शहर में एक कमरे जितनी जगह में मोतियों की फार्मिंग का बिजनेस कर सकता है।
सबसे पहले सीपियों को एक बड़े से जाल में बांधकर दो हफ्तों के लिए के लिए तालाब में डाल दिया जाता है, ताकि वो अपने मुताबिक अपना एनवायरमेंट अडॉप्ट कर सकें, इसके बाद उन्हें बाहर निकालकर उनकी एक सर्जरी की जाती है.
सर्जरी के दौरान सीप के अंदर एक पार्टिकल या सांचा डाला जाता है. इसी सांचे पर कोटिंग के बाद सीप लेयर बनाते हैं, जो की आगे चलकर मोती बनता है.
25 हजार रुपये की लागत से शुरुआत
एक सीप के तैयार होने में 25 से 30 रुपये का खर्च आता है. जबकि तैयार होने के बाद एक सीप से दो मोती निकलते हैं.और एक मोती कम से कम 100 रुपये में बिकता है. अगर क्वालिटी अच्छी हुई तो 200 रुपये से भी ज्यादा कीमत मिल सकती है. अगर आप एक एकड़ के तालाब में 25 हजार सीपियां डालें तो इस पर करीब 8 लाख रुपये का खर्च आता है. मान लें कि तैयार होने के क्रम में कुछ सीप बर्बाद भी हो गए तो भी 40-50% से ज्यादा सीप सुरक्षित निकलते ही हैं. इससे आसानी से 25-30 लाख रुपये सालाना कमाई हो सकती है.
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