मेरे मित्रों आज मैं आपको होम्योपैथी के बारे में बताना चाहता हूं, होम्योपैथिक के बारे में तरह-तरह की भ्रांतियां और दुर्भावना समाज में व्याप्त है लेकिन मेरा यह मानना है कि यह एक बहुत ही कामगार पद्धति है, जिस प्रकार आम लोगो मे होमियोपैथी के प्रति भ्रांतिया है वो बिल्कुल गलत है मैं आप सबो को ये जानकारी देना चाहता हूँ होमियोपैथी की सच्चाई जो आप लोग अभी तक नही जान पाए है ।
होम्योपैथी चिकित्सा और इसमें प्रयोग होने वाली दवाओं को लेकर समाज में कई तरह के भ्रम मौजूद हैं जिन्हें दूर करना जरूरी है। आइए जानते हैं ऎसे ही कुछ भ्रम और उनकी सच्चाई के बारे में-
अ) भ्रम : होम्योपैथी औषधियों का असर देर से होता है?
सच : जी हां यह बिल्कुल सत्य प्रतिशत सत्य है, ज्यादातर मामलों में रोगी होम्योपैथी डॉक्टर के पास लंबे समय से हो रही बीमारी या एक से अधिक रोगों के इलाज के लिए जाता है जिससे उपचार मे समय लगता है।
आ) भ्रम : यह पद्धति पहले रोग बढ़ाती है फिर ठीक करती है?
सच : यह भी अति कटु सत्य है, अगर विशेषज्ञ के पास आने से पहले रोग को दबा दिया गया हो तो इलाज के दौरान कई बार पुराने दबे लक्षण फिर से उभर आते हैं जो सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन घबराए नहीं सब ठीक हो जाता है।
इ) भ्रम : यह मीठी गोलियां ज्यादा असर नहीं करतीं?
सच : होम्योपैथिक औषधियां एल्कोहल में तैयार की जाती हैं। ये सफेद गोलियां वाहक की तरह काम करती हैं। इन सफेद गोलियों को लेने से इनमें मौजूद औषधि जीभ से अवशोषित होकर शरीर में जाती है। अतः यह भी पूर्णता सत्य है।
इ) भ्रम : डायबिटीज के रोगी को ये गोलियां नहीं लेनी चाहिए?
सच : इन दवाओं में शुगर की मात्रा न (नैनोडोज) के बराबर होती है। इसलिए डायबिटीज के रोगी इस पद्धति से उपचार करा सकते हैं। अतः व्यर्थ में ना घबराए।
उ) भ्रम : यह चिकित्सा विश्वास पर आधारित है, इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है?
सच : सभी होम्योपैथिक दवाएं वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित होती हैं। इन औषधियों का परीक्षण हर आयु वर्ग की महिला एवं पुरूष पर करने के बाद, उनसे प्राप्त लक्षणों को इस चिकित्सा पद्धति का आधार बनाया जाता है। यह पद्धति संपूर्णता विज्ञानिक है।
ऊ) भ्रम : इसमें बहुत परहेज करना पड़ता है?
सच : होम्योपैथिक दवाएं जीभ से अवशोषित होती हैं इसलिए इन्हें लेने से पहले और बाद के 15 मिनट तक जीभ व मुंह का साफ होना जरूरी होता है। इस उपचार में रोगी को बीमारी के अनुसार सामान्य परहेज करने की सलाह दी जाती है।
ए) भ्रम : होम्योपैथिक चिकित्सा के दौरान रोगी इमरजेंसी में अन्य दवाएं नहीं ले सकता है?
सच : ऎसा नहीं है, रोगी अन्य दवाओं का सेवन कर सकता है। अन्य दवाओं के साथ भी होम्योपैथी पूर्णता कामगार कारगर है।
ऐ) भ्रम : सभी होम्योपैथिक दवाएं एक जैसी होती हैं?
सच : नहीं, ये दवाएं सिर्फ दिखने में एक जैसी होती हैं। इस पद्धति में प्रत्येक रोगी के लिए दवा का चयन रोग के आधार पर न होकर लक्षण व उसके व्यक्तित्व के आधार पर किया जाता है। हर दवा का उचित मात्रा में विश्लेषण के बाद ही सुझाया जाता है
ओ) भ्रम : होम्योपैथी आपातकाल में असर नहीं करती?
सच: होम्योपैथी आपातकाल में भी बहुत अच्छा असर करती हैं।
औ) भ्रम : में ना रहे इस संदेश को सभी लोगो तक पहुचाये जिस से होमियोपैथी चिकित्सा विज्ञान का लाभ लेसके और स्वस्थ रहे दृघायु हो यही हमारी मंगल कामना है आप सबो से आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।
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